कुछ बात तो बन जायेगी

दो दिल जहा मिलेगे॥
बरसात तो हो जायेगी॥
पहली ही मुलाक़ात में॥
कुछ बात तो बन जायेगी॥
सताएगी याद प्रिये की ॥
तडपाये गी तन्हाईया॥
चेहरा दिखाई देगा॥
मन भाएगी परछाईया॥
फ़िर भी मिलेगे छुप कर॥
मंजिल नजर आएगी॥
……………………………..
दिल से दिल मिलेगा॥
नज़ारे कहेगी बातें॥
धड़कन बढेगी दिल की॥
आती रहेगी यादे॥
चुडियो की खनखनाहट॥
कानो को धुन सुनाये गी॥
……………………………..
सच्चे है दोनों दिल के
पक्के बने पुजारी॥
तू है मेरी मंजिल ॥
मै हूँ तेरा आटारी॥
सोते हुए सपने में॥
तस्वीर नज़र आएगी॥

Shambhu Nath Kailashi

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शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

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