चाय का कप

यह कप
मेरी ही तरह
डिजाइनर प्रिंटेड फैब्रिक सा है
यह कुआं है गहरी सिमटी यादों का
यह टूटा दर्पण है कुछ जगती उम्मीदों का
कुछ सोये ख्वाबों का
यह मेरी दुनिया है
यह मेरी जिन्दगी है
कुछ सफेद तो
कुछ रंगीन धागों से
सिली हुई
बुनी हुई
यदाकदा कुछ पैबंद भी
उभरते रहते हैं
मेरी ही तरह तन्हाइयों के दर्द
उकेरते हुए
यह लम्हों के काफिलों का
मिलना
गुजरना
बिछड़ना
इसे आलिंगन में समेट लेना
या बिसरा देना
एक कप में उड़ेली गई
ताजा गर्मा गर्म चाय की
तरह है
गर्म पीते हो
या इसे ठंडा करके
यह किसी पीने वाले की
इच्छा पर निर्भर करता है
जिन्दगी के हर पल को
जीना है
उसका भरपूर स्वाद लेना है
या उसे रोकर बीता देना है
यह निर्णय किसी व्यक्ति
विशेष का ही होता है
जिन्दगी तो करती है
रंगों की बरसात
हरदम
रंगों को चुनना है या
छोड़ना है
आसमां में उड़ना है या
जमीं पे ही रहना है
रास्ते पे चलना है या
मंजिल को पकड़ना है
चाय के कप को
हाथ में पकड़े भर रहना है
या इसे होठों से लगाकर
गर्मा गर्म भाप से लबरेज
चाय की चुस्कियों का
सिप सिप करके
लुत्फ लेना है
या ठंडा करके गटकना है
या फिर एक झटके में झटक के
फेंक देना है
यह आदमी की किस्मत
और जिन्दगी जो आपको
मौके और न्योते दे रही है उसपे
निर्भर करता है।

मीनल

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