मोह माया का मायाजाल

बादल के टुकड़ों पे
सूरज की जलती देह
धरी है
दिलों में कितनी दूरी है पर
दुनिया को समीपता दिखी है
एक अजीब सामंजस्य है
दोनों के बीच
रिश्तों में अजब संजोग है
मोह माया का मायाजाल अनोखा है
बड़ा ही विचित्र है हर व्यतीत होता पल और
हरदम गुजरता घटनाक्रम कि
हरे भरे जंगलों में आग
लगी हुई है
पर निकट ही
बसे हुए एक गांव में
शीतल हवा की लहर
चली है।

मीनल

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