दिल की पुकार

दिल की पुकार

दिल की पुकार दिलवर ॥
तुमको सुनायी देगी ॥
अब तो तुम्हारी याद ॥
मेरी भी जान लेगी ॥

आँखों में तुम बसे हो ॥
आते नजर हमेशा ॥
ये राह ताकने की ॥
बन गया हमारा पेशा ॥
होठो से हंसी मैंने ॥
तुमपे है आज फेंकी ॥
अब तो तुम्हारी याद ॥
मेरी भी जान लेगी ॥

मुझको पता सनम है
पूरे करोगे ख्वाब ॥
ख्वाबो में मेरे आके ॥
तुम देने लगे जबाब ॥
हमने तुम्हारे साथ ॥
जो प्रेम बाग़ देखी ॥
अब तो तुम्हारी याद ॥
मेरी भी जान लेगी ॥

शम्भू नाथ कैलाशी

No votes yet.
Please wait...
Voting is currently disabled, data maintenance in progress.

शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

Leave a Reply