चाहत

चाहत

मै कुछ कहना चाहता हूँ
दिल मे दबी बातों को
जुबा पे लाना चाहता हूँ।
तुम जो हस्ती हो
मुझे बहुत प्यारी लगती हो
तुम्हारी आँखों पे
लगा सुरमा तुम्हारी आँखों
को
और सुंदर बना देता है।
मैं तुम्हे अपने दिल
के बेहद करीब रखना चाहता हूँ।
मै तुम्हे कुछ कहना चाहता हूँ।
ये दिन सुबह शाम न जाने कितने पल,
सिर्फ तुम्हे सिर्फ तुम्हे याद करता हूँ।
हकीकत पूछो तो तुम
मेरी ख़्वाबों में भी अब
सरीख हो गई हो।
तुम्हारी पायल की छन- छन
मुझे मेरे दिल की धड़कन जैसी सुनाई देती है।

अब ये ज़िन्दगी तुम्हारे बिना
मानो जैसे मेरी हथेली में
दबी सी लगती है।
अब तुम ही मेरी ज़मी और असमा हो, मेरा आज मेरा कल हो

अब तुम्हारी हँसी ही
मेरे हर गम की दवा है।

तुम्हारी गोद मे सर रख
तुम्हारी बालों को सवारना चाहता हूँ।
सच पूछो तो तुम्हारी मांग भरना चाहता हूँ।
तुम्हारे प्यार में गिरफ्तार इस
दिल को तुम्हारे नाम करना चाहता हूँ।।
मै कुछ कहना चाहता हूँ
दिल मे दबी बातों को
जुबा पे लाना चाहता हूँ।।

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