हिमाचल का गौरव

हिमाचल का गौरव

समाधिस्थ यति के सदृश
हिम प्रान्त के शिखर यहां
छ्ल-छ्ल करती सरिताएं
काल चक्र पहिये से यहां

ऋगवेद की सृजन धरा यही
आकाश गंगा सी पावन नीर
शिखर पर खगोल सी सुमता
ऋषियो की सुतपोभूमि यही

भोर की सुरम्य पौ छ्लकती
अर्क सी देदीप्यता साधे यहां
सिन्धु सदृश सुक्लिष्टता लिये
वीर सपूतों की शौर्य भूमि यहां

हिममयि श्वेत पर्वतमाला यहां
सौन्दर्य की चिर उपमा सिंजोए
विस्तार सृष्टि का लिये विधाता
रही मनु की सुरोचक भूमि यहां
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