खत एक फौजी का

खत एक फौजी का

माँ डरना नहीं
मैं महफूज हूँ
तेरा लाल बहादुर है
सिर कटा लेगा
मगर
आँचल कभी तुम्हारा
दाग होने नहीं देगा
जिस तरह आपने
बाबूजी के शहीद होने पर
मुझे देश के लिए
समर्पित किया
मेरी एक अंतिम ख्वाहिश है
अगर मैं भारत माँ के चरणों में
अर्पित हो जाऊँ
मेरी अंतिम इच्छा पूरी करना
मेरी तरह मेरे पुत्र को भी
भारत माँ के चरणों में
समर्पित कर देना
दिखा देना दुश्मनों को
एक भारतीय माँ
युगों युगों तक
शेर पुत्र को जन्म देती रहेगी ❖❖❖

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