सबसे आगे

सबसे आगे

सोच रही हूँ मैं,
इस नई सुबह पर,
चंद लाइनें उपहार स्वरूप लिख दूँ,
अनुभव पत्रिका तुम्हारे लिए।

जो जीवन के धरातल पर,
उतरी हो नई सुबह सी,
पहली किरण की तरह,
नई ऊर्जा का संचार लिए।

यह प्रवाहित हो रहा है,
आपके अंतर्मन में,
फिर मत सोचो बीते हुए कल को,
सोचो उसके अच्छे पल को।

बस बढ़ चलो आगे,
सफलता की डगर पर,
बस दो कदम आगे,
सबसे आगे और सबसे आगे।
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