प्रकृति संरक्षण

प्रकृति संरक्षण

मौसम के इस शांत एकांत में,
बचते छिपते चल दिए।
नाक में मास्क लगाए,
सांस बचाकर चल दिए।

धूप बीच धुंध समाए,
जगह जगह प्रदूषण फैलाये।
प्रकृति पृथ्वी की बैचेनी को,
सरकार भी अबतक समझ न पाये।

इसकी बैचेनी को समझें और रोकें,
और जगह जगह पेड़ पौधे लगाएं।
करते बातें अब हम औरों देशों से
पर अपने देश की हाल भी न जानें।

यही प्रकृति के घटक हैं प्यारे,
अबतक हम यह जान ना पाए।
बृहस्पति और चंद्रमा की खोज में
अपनी पृथ्वी को भी संभाल न पाए।
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