नववर्ष 2020

नववर्ष 2020

ओ नववर्ष
अपने संग क्या लाए हो इस वर्ष।
सुख शांति अमन चैन का पैगाम
प्रगति पथ पर बढ़े इंसान।
ना हो किसी के दिन में रैन
बाहर रहने वाले बच्चों के
माता-पिता ना हो बेचैन।
दिलों में दबी द्वेष की चिंगारी
गुलाबी ठंड में खो जाए।
विश्वास की ज्योत जले मन में
खिलखिलाहट से सबकी अंजुरी भर जाए।

ओ नववर्ष
अपने संग क्या लाए हो इस वर्ष
चंदा सूरज और धरा
अविचलित है डगर पर अपने,
मानव मन चंचल हिरनी
हर रोज देखता नए सपने।
संग लाती हर वर्ष संकल्पों का पिटारा
दिन गुजरे ढूंढे मन उनसे फिर निपटारा।

ओ नववर्ष
अपने संग क्या लाए हो इस वर्ष।
नारी नारी की रक्षिता हो
नर को दे बिटिया सा ज्ञान
षड्यंत्रकारी दमनकारी के खातिर
रूप धरे वह काली समान।
उसकी हंसी खुशी को सींचे
भाई भाई हो एक समान।
खुलकर वह अपने पर फैलाए,
उसे मिले उसका आसमान।
ओ नववर्ष
अपने संग क्या लाए हो इस वर्ष।
❖❖❖

No votes yet.
Please wait...

Leave a Reply

Close Menu