प्यार करना जुर्म है?

प्यार करना जुर्म है?

एक लोकल स्टेशन से एक दुबला पतला नौजवान गाडी में चढ़ा वह गाड़ी पैसेंजर से खचाखच भरी थी सीट मिलने का तो कोई सवाल ही नही था जैसे तैसे करके एक दो स्टेशन पार हुआ कुछ सवारियां उतरी और उस बेचारे दुबले पतले नौजवान को खिडकी के किनारे वाली फोर सीटर मे जगह मिल गयी उसके बगल में एक नौजवान लडकी जो शायद आईएएस कर रही थी वह बैठी थी।

रात का समय था खिडकी से झांक कर देखने पर चारो तरफ अंधेरा ही अंधेरा दिखाई पड रहा था वह नौजवान व्यक्ति भी उस अंधेरे में उजाले की तलाश कर रहा था लेकिन उसे कहीं भी प्रकाश की एक लौ तक नहीं दिख रही थी ऐसे देखते ही देखते वह नौजवान व्यक्ति के आखों से आंसू टपकने लगे और जोर जोर से सिसकारियां भरने लगा। फिलहाल जो बगल में एक नौजवान लडकी बैठी थी वह उसकी सभी हरकतों पर गौर कर रही थी लेकिन वह कर भी क्या सकती थी।

अगला स्टेशन आया कुछ लोग उतरे लेकिन वहां से एक दो लोग ही गाड़ी पर चढ़े जिससे कि उस कोच मे बहुत कम सवारियां होने कारण एकदम शांत माहौल था गाड़ी स्टेशन छोड़ चुकी थी तथा स्टेशन का वह प्रकाश भी, जिसके प्रभाव से सारा स्टेशन जगमगा रहा था। फिर से अंधेरा आ गया और वही नौजवान व्यक्ति फिर से उस अंधेरे को देखता और अपने आप को कोसते हुए अपनी आखों से आंसूओं की धार बहाकर जोर जोर से रोने लगा, उसी बगल में बैठी वह नौजवान लडकी उसकी तरफ देखती कि वह नौजवान लड़का अपना मुंह घुमा लेता और रोता रहता ऐसे ही काफी देर तक चलता रहा और ऐसे करते करते अगला स्टेशन आ गया तथा जिस सीट में वह लड़का और लडकी बैठे थे सभी यात्री उतर गये अब तो सीट में केवल दो ही लोग थे और सामने वाली सीट पर सभी लोग सोये हुये थे।

गाडी फिर से स्टेशन को छोडकर आगे बढने लगी तथा काफी गहरी अंधेरी सी खाई में समा गयी वह लड़का फिर से खिडकी से बाहर देखा लेकिन इस बार कोई भी हरकत नही करने वाला था क्योंकि बाजू वाली लडकी ने उस पर ठीक से नजर रखी थी फिर भी वह लड़का अपने आप को काबू में नहीं कर पाया और रोने लगा लेकिन इस बार उस लडकी ने उसे टोका,
“भइया आपको क्या हुआ? जबसे आप यहाँ बैठे है और मैं आपको जबसे देख रही हूँ आप रोयें जा रहे हो। क्या आपको घर से बाहर निकाल दिया गया? लडकी ने कहा”
तब लडके ने कहा- “नहीं”

फिर लडकी ने कहा- “आपको किसी ने मारा या फिर किसी से झगड़ा हुआ?”
लडके ने कहा- “नहीं”
फिर से लडकी ने कहा- “तब जरूर आपका कुछ खो गया है ”
लडके ने कहा- “हाँ ” कुछ खो तो गया है लेकिन अब कभी वापस नहीं मिलेगा और न ही उसे पैसों के खरीदा जा सकता
तब लडकी ने कहा- “आज की दुनिया में ऐसी कोई भी चीज नहीं जो दोबारा प्राप्त न की जा सके। इसलिये आप बेफिक्र होकर सारी बातें बतायें हो सकता है हम आपकी कुछ मदद कर सकें।”
लेकिन वह लड़का बहुत डरा और सहमा हुआ था फिर वह सब कुछ बताने की कोशिश करता इससे पहले वह जोर जोर से रोने लगा।
तब उस लडकी ने उसे गले से लगा लिया लडकी बोली, “भइया बोलिये तो आखिर हुआ क्या है ?”
लडके ने जवाब दिया- “आप ने मुझे भाई कहा इसलिये मैं आपको सारी बातें जरूर बताऊंगा।”
लडके ने कहा- “जब कोई किसी घने अंधकार में अपने आप को खो दे क्या उसे दोबारा वही प्रकाश मिल सकता है जिस प्रकाश की उसको जरूरत है?”
लडकी ने कहा- ” क्यों नहीं मिल सकता ” जरूर मिल सकता है क्योंकि जब हम किसी अंधकार में भटक कर प्रकाश को खोजते है तब बाहर का प्रकाश तो नजर नहीं आता बल्कि अपने मन अपनी आत्मा में वही प्रकाश नजर आने लगता है जो भौतिक प्रकाश तक पहुँचाने में मदद करता है।
लडके ने कहा- ” ठीक है “
फिर लड़का बोला “मैं खिडकी से बैठे बैठे भौतिक प्रकाश को ढूढ रहा था भौतिक प्रकाश मिल तो रहा था लेकिन वो भी कुछ देर के लिये इसलिये मैं परेशान होकर रोने लगा था।”
उस लडकी ने भरोसा दिलाया और लडके की नजरों में नजरें डालकर देखा तो उसे सब समझ में आ रहा था कि जरूर इसके साथ धोखा हुआ है फिर भी वह लडकी उस लडके की जुबानी सब कुछ सुनना चाहती थी।
एक बार फिर उस लडकी ने लडके से कहा- ” अब आप मुझे पूरी बात बताने की कोशिश करें “
लडके ने कहा- “ठीक है बता रहा हूँ “
फिर लडके ने कहा हमने एक अजनवी की तरह बिना अनुभव के एक ऐसी बेबुनियाद इमारत खडी करने की कोशिश की, वह इमारत बन तो रही थी लेकिन अचानक से एक ऐसा तूफान आया जो उस इमारत को क्या हमारी नींदे, भूख, चैन सब कुछ उड़ा ले गया यहाँ तक की मेरा आत्मविश्वास को भी वह तूफान उड़ा ले गया अर्थात हमने एक अजनवी लडकी से पहली बार प्यार करने की कोशिश की और उस कोशिश में हम दोनों सफल हुये उस समय सब कुछ ठीक चल रहा था और हम दोनों धीरे धीरे करके आगे बढते गये ऐसे ही करते करते हम इतने आगे बढ गये कि वहां से वापस आना बहुत ही मुश्किल हो गया था। लेकिन अचानक से ऐसा कुछ हुआ कि एक साथ सभी सपने, सभी ख्वाब, सभी उम्मीदें, बिल्कुल खत्म हो गयीं यहां तक भी जीवन जीने की आशा भी।
लेकिन मुझे तो जीवन जीना था इसलिये जीवन जीने की आशा की तलाश में निकल पड़ा लेकिन मुझे नहीं लगता कि ये आशा मेरी पूरी होगी।
तब उस लडकी ने कहा- ” दंगल में जब दो पहलवान कुश्ती करने जाते है तब उनमें से उस समय एक ही पहलवान जीतता है लेकिन उस समय जो दूसरा हारा हुआ पहलवान होता है वह हार कर के यूँ ही चुपचाप बैठता नहीं है बल्कि वह जीतने के फार्मूले ढूढता रहता है और एक दिन वही हारा पहलवान एक दिन सबसे अच्छी जीत हासिल करता है “
लडके को उसकी बात कहीं तक समझ आ रही थी लेकिन फिर भी लडके ने कहा कि अगर प्यार करना जुर्म है तो सभी लोग प्यार क्यों करते है? और अगर यह जुर्म नहीं है तब लोग प्यार को कोसते ही क्यों हैं?
तब लडकी ने कहा- “हां ये सच है कि प्यार करना जुर्म है क्योकिं कुछ लोग प्यार मे इतने अंधे हो जाते हैं वह समाज की अच्छाई और बुराई को भूल कर सभी जगह अपना कब्जा जमाने की कोशिश करते हैं और जब उनकी कोशिशें समाज को परिवर्तित करने की कोशिश करने लगती हैं तब समाज को उनके अंधे प्यार को रोकना पडता है और समाज को उन अंधे प्यार करने वालों के खिलाफ होना पडता है क्योंकि समाज को जीवित रखने के लिये समाज के कुछ मूल्य कुछ प्रतिमान होते है जिनके माध्यम से समाज के लोग समाज की सीमा से बाहर नहीं जाते और इसीलिये तो समाज को मानवीयता का जीवनदाता कहा गया है और इसी समाज की सीमा का उल्लंघन जब कोई अंधे प्यार करने वाले करते है तथा समाज जब उन्हे रोकता है तब उन अंधे प्यार करने वालों को जुर्म सा लगता है।
लेकिन जब प्यार करना जुर्म नहीं होता तब भी लोग प्यार को कोसते हैं ऐसा इसलिये हैं क्योंकि वे लोग प्यार को सिर्फ प्यार ही समझते है बल्कि प्यार एक ऐसा मानवीय विचार होता है जो एक से अधिक लोगों की जीवनशैली को बदलता है और इसी बदली हुयी जीवनशैली के माध्यम से लोगों की शारीरिक और मानसिक प्रक्रियाओं में बदलाव आता है जो समाज के मूल्य तथा प्रतिमान को जीवित रखने के लिये बहुत ही मूल्यवान समझे जाते है
लेकिन लोग तो प्यार का मतलब सिर्फ लड़का और लडकी के मिलन को मानते है जो समाज की दीवार को ढहाने में अपनी कामयाबी समझते हैं।
अब वह लड़का काफी कुछ समझ चुका था और उस लडकी से नजरें मिलाने से हिचकिचाने लगा क्योंकि लडके का सारा दर्द शायद दूर हो चुका था और वह लडका उस लडकी के पैरों को छूना चाहा लेकिन लडकी ने उसे बीच मे ही रोक लिया और लडकी ने लडके की आखों मे आँखे डालकर देखी तब उस लडके की आखों मे लडकी ने सच्चे प्यार की झलक दिखाई दी।
तब लडकी ने कुछ न सोचते हुये लडके से कहा
क्या आप मुझसे शादी करोगे?
लड़का हडबडा सा गया और वह लडकी को ऊपर से नीचे तक देखा और वह लडकी से थोडा दूर हुआ फिर लडकी ने कहा- क्यों क्या मैं आपके लायक नहीं हूँ?
तब लडके ने कहा- ” नहीं ऐसी बात नहीं है “
फिर लडकी ने कहा- ” तो क्यों आप मुझसे दूर भाग रहे हैं?
लडके ने कहा- “आपने तो मुझे भाई कहा तब मैं आपसे शादी कैसे कर सकता हूँ।”
तब लडकी ने कहा- “मैने आपको भाई तब कहा था जब आप ना समझ थे और अब तो आप सब कुछ समझ चुके हैं और वैसे भी सच्चा प्यार करने के लिये किसी माध्यम की जरूरत पडती है और वह माध्यम भाई था इतनी बात सुनते ही लडके की आंखो से आंसू गिरने लगे और वह लडकी के गले से लिपटकर जोर जोर से रोने लगा और तब लडकी भी अपने आप को न रोक सकी तथा वह भी रोने लगी ऐसे करते करते स्टेशन आ गया और वे दोनों उसी स्टेशन पर उतर गये क्योकि लडकी को वहीं उतरना था तथा लडकी, लडके को अपने घर ले गयी और अपने सभी घरवालों से मिलाया
उस लडके से मिलकर लडकी के घरवाले बहुत खुश हुवे तथा उन दोनों की शादी लडकी के घरवालों के माध्यम से तय कर दी गयी और कुछ दिन के बाद दोनों लडकी तथा लडके को अच्छी जाब मिल गयी और हंसी खुशी से दोनो ने शादी की तथा उन दोनो के पास खुशी प्यार स्नेह और सभी चीजों का ढेर लग गया जो कभी नही खतम होने वाली हैं।
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