इस घर में कोई तो रहता हो

इस घर में कोई तो रहता हो

एक छोटा सा
प्यारा सा घर
सड़क से दिखता
उसका एक दरवाजा
एक खिड़की
दरवाजे पे लटका ताला
जालीदार ग्रिल वाली खिड़की पर कोई
पर्दा नहीं
बाहर से चौड़ाई कम है
लेकिन अंदर से घर लम्बाई में
ज्यादा लग रहा है क्योंकि
खिड़की से अंदर झांककर देखो तो
अंदर के कमरे से और अंदर भी
एक दरवाजा खुल रहा है
बाहर की दीवार पीले रंग की है
दानेदार
दरवाजा ऊंचाई पर है
छलांग लगाकर अंदर जाना
पड़ता होगा
दरवाजे और खिड़की
का पेंट कॉफी कलर का
है
पीली दीवार के नीचे
चितकबरे से पेंट में एक
बॉर्डर भी है
दरवाजे के साथ काले रंग की
एक पाइपलाइन भी
एक खिड़की पूरी खुली है
दूसरी अधखुली
तीसरी पर पर्दा पड़ा है
घर के सहारे ही गुलाबी ईंटों की
एक सड़क है
एक लाल रंग की साइकिल
जिसकी गद्दी, पहिये और
हैंडल काले रंग के हैं
घर की दीवार से चिपकी खड़ी है
घर है पर
घर में कोई नहीं है
कितना सुनसान सा
लग रहा है यह घर
बिना लोगों के
सामान होते हुए भी
एक तस्वीर तो कभी
एक पेंटिंग सा लग रहा है
मैं भी इस घर के बाहर
तब तक खड़ी रहूंगी
जब तक इसका ताला
खोलने के लिए किसी का
हाथ आगे न बढ़े
जानना है मुझे कि
यह घर किसी चित्रकार का
है या
किसी खिलाड़ी का
या चलो देखते हैं
आज मैंने खुद से ही
शर्त लगाई है
जीतती हूं या हारती हूं
यह तो वक्त ही
बतायेगा
लेकिन काश
इतना तो जरूर चाहूंगी कि
इस घर में कोई तो रहता हो
और यह भी कि
अकेला न रहता हो
उसका सुख दुख बांटने वाला
कोई दूसरा भी हो
उसके जीवन में कोई
ऐसा हो जिससे वो
बातें कर सकता हो
एकांत में खुद न
बड़बड़ाता हो
जब घर का दरवाजा
खोलता हो
और लाइट जलाता हो तो
कोई तो उसका स्वागत
करता
उसे बैठने को कहता हो
उसे एक गिलास पानी
पिलाता हो
फिर एक प्याली गर्मागर्म
चाय या कॉफी
फिर प्यार से परोसकर
खाना
फिर मीठी मीठी बतियों की
झड़ी लगाता हो
कोई तो हो जो उसे थपकी
देकर गहरी चैन की नींद
सुलाता हो
सुबह गुड मॉर्निंग कहकर
जगाता हो
जब घर से बाहर
काम के लिए कहीं जाता हो तो
अलविदा कहता हो
जरूरत पड़े तो
साथ भी चल देता हो
साथ ही घर वापिस भी
चला आता हो
घर का दरवाजा खोलकर
साथ ही कदम अंदर
बढ़ाता हो
जीवन की राह पे
समानांतर राहों सा
एक हमसफर सा
साथ चलता जाता हो।

मीनल

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