दिल्ली से आया मेरा यार

दिलदार मेरा दिल्ली से ॥
मिलने आया है ॥
आज शाम मंदिर पर ॥
हमे बुलाया है ॥
उपहार लिए फूलो का ॥
हाथो में थमाया है ॥
चूम के मेरे गालो को ॥
एक गाना गाया है ॥
वही मेरा दिलदार ॥
मेरे दिल को भाया है ॥
जब नजरो ने किया सलामी ॥
मुझे होने लगी आसानी ॥
झट से हाथ पकड़ के ॥
निशान लगाया है ॥
देख के उस पल की हरकत ॥
अचरज घटी कहानी ॥
मैंने भी हामी भर दी ॥
कर लो खूब मनमानी ॥
पहली बार यौवन को ॥
ये रास आया है ॥

शम्भू नाथ कैलाशी

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शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

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