स्वागत में फूल बिछाऊगी

स्वागत में फूल बिछाऊगी ॥
जिस गली से प्रीतम आयेगे ॥
रूचि रूचि खाना बनाऊगी ॥
हंस हंस के सनम जी खायेगे ॥
मै सजधज कर तैयार खड़ी हूँ ॥
उनके बिना बीमार पड़ी हूँ ॥
देख के मेरी हुस्न अदा ॥
मुझपे ख़ुशी लुटाएंगे ॥
स्वागत में फूल बिछाऊगी ॥
जिस गली से प्रीतम आयेगे ॥
मधुर हवाये बहने लगेगी ॥
बागो में कोयल कूके गी ॥
हंस के गले लगाऊगी ॥
कोई दशा नही रोकेगी ॥
मेरे हाथो को चूम चूम कर ॥
अपनी मुहर लगाये गे ॥
स्वागत में फूल बिछाऊगी ॥
जिस गली से प्रीतम आयेगे ॥

शम्भू नाथ कैलाशी

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शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

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