बिन फूलों के मेले

संभल संभल के चलना
फूलों के उपवन में
जो कहीं पैर फिसला तो
फूल कोमल हैं
कुचले जायेंगे
इनके कांटें कठोर हैं
नुकीले हैं
तुम्हें चुभ जायेंगे
तुम्हारा बदन छील देंगे
तुम्हें लहूलुहान कर देंगे
तुम्हारा दिल तोड़ देंगे
तुम्हारी एक न सुनेंगे
तुम्हारी आवाज भी
गले से निकल न पायेगी
तुम्हें उठाने के लिए
कोई मदद का हाथ आगे नहीं
बढ़ायेंगे
तुम्हें जीवित रहने नहीं देंगे
तुम्हें उम्र भर सतायेंगे
तुम्हारी आत्मा तुम्हें
धिक्कारेगी
इनकी मासूमियत तुम्हें
छल जायेगी
एक न एक दिन तुम्हें
रुलायेंगे
जो गुनाह किये तुमने
अकेले में
उनकी सजा भुगतना तुम
अकेले दुनिया के
बिन फूलों के मेलों में।

मीनल

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