कुछ याद नहीं

कुछ याद नहीं

परीक्षा हाल में
अच्छा लगता है
लडकियों के चेहरे
को पढना
कभी दायें मुड़ना
कभी बाएं देखना
दूर दीवार पे खोयी नज़र
कुछ याद करने की कोशिश
कभी मुह में पेन तो
कभी दांतों से अपनी ही ऊँगली चबाना
कभी सहमकर निरीक्षक की ओर देखना
फिर सहसा घबराकर , कुछ शरमाकर
बालो में उनका उँगलियाँ फिराना
कोई बेखबर साडी दुनिया से
बस लिखने में मस्त
तो किसी का मुंह बनाकर
सर को खुजलाना
बार -बार पेपर उठाना
पढना ओर फिर रखना
शायद कुछ याद आ जाये
कुछ इतनी ढीठ
कोई डर ही नहीं
देखो तो मुस्करा दिए
वरना बातो में मगन
कुछ आँखों से इशारे
कुछ हाथो से
किसी की निगाह आसमान में खोयी
कोई चेहरा पकड़कर रोई
शायद कुछ याद आ जाये …………
vandna sharma

No votes yet.
Please wait...

dr Vandna Sharma

i m free launcer writer/translator/script writer/proof reader.

Leave a Reply

Close Menu