सब के बश की बात नहीं

हर कोई को गीत गा नहीं सकता।।
हर कोई तान बजा नहीं सकता।।
हर कोई साज सजा नहीं सकता।।
हर कोई प्रीति निभा नहीं सकता।।

हर कोई इंसान हैवान नहीं बनता।।
हर कोई इंसान सैतान नहीं बनता।।
हर कोई नफरत का बीज नहीं बोता।।
पर कोई मखमल पे नींद नहीं सोता।।

हर घर में खुशियों का अम्बार नहीं होता।।
हर घर में सोने का भण्डार नही होता।।
हर कोई सुबर्ण दान नही देता।।
हर कोई लोगो से ज्ञान नही लेता।।
हर कोई इंसान महान नही होता।।
हर कोई गम के आंसू नही रोता।।

शम्भू नाथ कैलाशी

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शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

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