मां की ममता

मां की ममता का

कोई मोल नहीं

अनमोल है यह

इसका कोई ओर छोर नहीं

एक जमीं से उपजता प्यार,

एक आसमान से छलकता

प्रभु का दिया उपहार है यह

अपने बच्चों के लिए

एक सुरक्षा कवच

तो जीवन की हर छोटी बड़ी

चुनौतियों का सामना करता

उनकी गर्दन काटता

अपनी कोख से फूटे अंकुरों को

सीने से लगाता

पलकों में छिपाता

अपने हृदय में एक विशाल

आश्रय स्थल प्रदान करता

एक पैना धारदार औजार है

यह।

 

मीनल

No votes yet.
Please wait...

Leave a Reply

Close Menu