ठिकाना बता दो

जाने वाले यह तो बता दे ॥
अब दुबारा मिलेगा कहाँ ॥
पता मुझे तो मालूम नहीं ॥
तू जायेगा किस कौन जहाँ ॥

याद आयेगी सब को तुम्हारी ॥
सूनी लगेगी कुछ दिन क्यारी ॥
एक दिन हमें भी वहाँ जाना है ॥
कोई टिकता नहीं यहाँ ॥

कर्म का फल यही मिलता है ॥
पाप पुण्य जो करते हो ॥
सही गलत की डगर बनी जो ॥
सोच समझ के चलते हो ॥
छूट जायेगे धन दौलत सब ॥
खाली पड़ा रहेगा मंका ॥
जाने वाले यह तो बता दे ॥
अब दुबारा मिलेगा कहाँ ॥
पता मुझे तो मालूम नहीं ॥
तू जायेगा किस कौन जहाँ ॥

शम्भू नाथ कैलाशी
ठिकाना बता दो

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शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

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