गायिका

करू क्या बड़प्पन ॥
सुहाना हो लिखते ॥
तुम्हारी गजल को ॥
खुद गा रही हूँ ॥
शब्दो की परिभाषा ॥
भाने लगी है ॥
सुरीले स्वरो में ॥
गुन-गुना रही हूँ ॥
आँखों को चंचल ॥
क्षृंगार करता ॥
अर्थ समझ करके ॥
मन भी मचलता ॥
सुहाने सुन्दर लिखे को मै ॥
महफ़िल में आके ॥
सब को सुना रही हूँ ॥

शम्भू नाथ कैलाशी

No votes yet.
Please wait...

शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

Leave a Reply

Close Menu