पैगाम

मैं खुद ही नहीं
समझ पा रहा जो
मैं लिख रहा हूं
तुम जब मेरा पैगाम
पढ़ोगी तो
कैसे समझोगी
तुम्हारा जवाब हां होगा
गर उसे मैं भी पढ़ न
पाऊं
समझ न पाऊं
जो समझ आ जाये तो
फिर वो इश्क क्या।

मीनल

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