मजदूर दिवस के उपलक्ष्य पर

मजदूर हूँ

मजदूर हूँ साहब
तरह – तरह का काम करता हूँ
भांति – भांति किस्म का काम करता हूँ
कई प्रकारों से काम करता हूँ साहब!

मैं खेत में काम करता हूँ साहब!
हमें किसान नाम से जानते हैं सभी!
मैं सरकारी दफ़्तर में कर्मचारी हूँ साहब!
मैं सरकारी दफ़्तर का मजदूर हूँ साहेब!

मैं चपरासी हूँ साहब!
मैं सरकारी दफ्तर से होकर निजी कार्यालयों में काम करता हूँ साहेब!
मैं IAS, IPS, अधिकारी हूँ साहब!
मैं सरकारी के नीतियों पर कार्य करता हूँ साहेब!

मैं आर्मी, पोलिस,नेवी, एयरफोर्स हूँ साहब!
मैं देशवासियों की सेवा करता हूँ साहब!
मैं डॉ हूँ मैं वकील हूँ मैं जज हूँ
मैं समाज और मानव की भलाई का कार्य करता हूँ साहेब!

मैं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हूँ साहब!
मैं देशवासियों की सेवा करता हूँ साहब!
मैं विद्यार्थी हूँ साहब!
मैं शिक्षक हूँ साहब!

आज सभी के सभी मजदूर है साहब
सभी अपना समय देकर मजदूरी पाते हैं
चाहें आम मजदूर हों चाहे देश के गणमान्य
पोस्ट हों सभी मजदूर है साहेब……….
प्रेम प्रकाश ०१.०५.२०२०

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प्रेम प्रकाश

प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

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