इश्क़-ए-हाल

तुम्हें आज़ादी मुबारक
मुझे हाल-ए-गम मुबारक

हाल-ए-इश्क़ ने बेहाल कर दिया
मुझे बहुत दिल ने परेशान कर दिया

मुझे इश्क़ का डोज दिया उसने
मैंने हल्का घुमारी ला दिया मुझे

मोहब्बत का जुनून सवाल चढ़ा लिया
तेरे चादर ने इश्क़ में भिगो दिया मुझे

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प्रेम प्रकाश

प्रेम प्रकाश पीएचडी शोधार्थी (राँची विश्वविद्यालय) झारखण्ड, भारत।

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