एक गुजारिश है

एक गुजारिश है
फिजा में बिखरी खुशबूओं
मेरी बाहों में समा जाओ
मेरे सीने से लिपट जाओ
मैं एक गहरी नींद से
सुबह सुबह जागा हूं
मेरे ख्वाबों में रंग भरो
उन्हें जमीन से आसमान में
उड़ाओ
उन्हें कोई प्रेम का गीत
सुनाओ
उन्हें हौसलों के पर लगाओ
प्रेम एक स्वप्न नहीं
सच में भी होता है
मुझे आलिंगनबद्ध करके
उन्हें चरितार्थ करना सिखाओ।

मीनल

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