उजालों के भी

उजालों के भी
काले साये होते हैं
और परछाईयों के भी
रोशनियों के घरबार
यह तो अपनी अपनी नजर है
अपनी अपनी सोच
मानो तो सब एक है
न मानो तो सब
पृथक पृथक
एक दूसरे से दूर
एक दूसरे से विभाजित
एक दूसरे से जुदा
एक दूसरे को तिलांजलि
देता हुआ।

मीनल

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