हा, मैं मजदूर हूँ

हा,मैं मजदूर हूँ कड़ी मेहनत करता हूँ, पसीना बहाता हूँ धूप,वर्षा,शीत से लड़ता हूँ हा, मैं मजदूर हूँ

मजदूरी करना मेरा काम है मेहनत से रोटी खाना मेरा धर्म है, राष्ट्र निर्माण में योगदान देता हूँ हा, मैं मजदूर हूँ

कठिन से कठिन कार्य को सरल बना देता हूँ पर्वतों को काटकर मार्ग बना देता हूँ, काम को करने से पीछे नहीं हटता हूँ, क्योंकि हा मैं मजदूर हूँ

:कुमार किशन कीर्ति

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Kumar kishan kirti

युवा शायर,लेखक

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