जमीन से स्वर्ग तक की यात्रा

जमीन से स्वर्ग तक की यात्रा

बोगनवेलिया के बैंगनी फूल
और हरे कांटों के झाड़
नीला आसमान
नीली नदी
नीले पहाड़
और नीला यह जहां
आज इस सुनहरी धरती पर
प्रकृति की छटा कर रही
जमीन से स्वर्ग तक की यात्रा
बिना सवारी
बिना सफर
और बिल्कुल मुफ्त
न रास्ते में मिले
कोई नदी नाले
न पांव में पड़े छाले
न इकरार, न इंकार
न कोई विवाद
न कोई तकरार
बस मोहब्बत ही मोहब्बत
हर सूं फैली
एक जन्नत का नजारा
जमीं पे
तो दूसरा देखेंगे
आसमान के पार
उसकी जमीं पे।

मीनल

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