अपने हृदय का प्यार मुझे दो

अपने हृदय का प्यार मुझे दो

By | 2018-01-20T17:07:39+00:00 December 4th, 2015|Categories: कविता|0 Comments

बस इतना उपहार मुझे दो।

अपने हृदय का प्यार मुझे दो।।

 

ले लूँ तेरे मन की पीर।

ले लूँ सारा लोचन नीर।।

बस इतना अधिकार मुझे दो।

अपने हृदय का प्यार मुझे दो।।

 

बन जाऊँ यादों का बन्दी।

चन्दन तुम, मैं बनूँ सुगंधी।।

ऐसा कारागार मुझे दो।

अपने हृदय का प्यार मुझे दो।।

 

मेरे सारे सुख तुम ले लो।

चुन-चुन कर दुख मुझको दे दो।।

एक ऐसा व्यापार मुझे दो।

अपने हृदय का प्यार मुझे दो।।

 

माना मैं ‘लवलेश’ अकिंचन।

सूना मेरे घर का आँगन।।

गीतों का संसार मुझे दो।

अपने हृदय का प्यार मुझे दो।।

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