एक पत्र तारों के नाम

एक पत्र तारों के नाम

By | 2018-01-20T17:08:53+00:00 April 13th, 2016|Categories: बाल मन|Tags: |0 Comments

ओ टिमटिमाते तारे,

सुदूर गगन मे विचरण करनेवाले, चंदामामा के दोस्त, कैसे हो आजकल ? बादलों की धुंध मे साफ़-साफ़ दिखते भी नहीं हो ! पूरी रात एक जैसी ऊर्जा के साथ ड्यूटी करने के बाद सुबह थक कर सो जाते हो क्या ? मुझको दिखते नहीं हो सुबह क्यूँ ? तुम्हारी मम्मी तुमको स्कूल नहीं भेजती ? तुम्हारे लिए नाश्ता कौन बनाता है ? तुमको पाश्ता पसंद है क्या ? जब तुम मुझसे मिलने आओगे, तब मैं तुमको तुम्हारी मनपसंद आईसक्रीम खिलाऊँगा !  तुमको ठंड़ तो नहीं लगती ना रात मे  ? मैं अपनी मम्मी से बोलकर तुम्हारे लिए स्वेटर खरीदूँगा ! तुम्हारा बर्थ ड़े कब है ? मेरे लिए क्या गिफ्ट़ लाओगे ?

मैं तुम्हें बचपन से देख़ रहा हूँ, तुम अपनी ही मस्ती मे उसी नूर से आलोकित रहते हो ! मैं तो अब बड़ा हो रहा हूँ ! मेरे पुराने कपड़े छोटे हो रहे हैं ! क्या तुम भी बड़े हो रहे हो ? तुम हमेशा एक जैसे ही कैसे दिखते हो ? तुम्हारा कौन सा कलर फ़ेवरिट  है ? तुम कार्टून देख़ते हो ? कौन सा पसंद है तुमको ?

तुम्हें पता है, जब मैं छोटा बच्चा था, तुमसे ढ़ेर सारी बातें करता था, अपनी छत पर बैठकर ! घंटो तुमको निहारा करता था ! तुम भी तो बिल्कुल अच्छे बच्चे की तरह मेरी बात सुनते रहते थे ! अब घर की वो छत नहीं रही ! पापा ने बड़ा सा फ्लै़ट ले लिया है ! अब मेरा भी अपना एक कमरा है यहाँ ! बस छत अपना नहीं है ना ! मैं तुमको कई-कई दिनों तक देख भी नहीं पाता हूँ ! इसलिए आज पत्र से बात कर रहा हूँ तुमसे ! तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो ! मेरे दोस्त बनोगे ना ?

तुम बहुत समझदार हो, हमेशा मुस्कुराते रहते हो हर मौसम मे !

काश, तुम्हारी बात यहाँ के लोग भी  समझ पाते ! हमेशा मुस्कुराहट से सब समस्या खत्म हो जाती है ! लोग ऊँची-२ बिल्ड़िग बनाकर तुमसे नजदीकी बनाने की जद्दोजहद मे लगे रहते हैं लेकिन एक घर मे रहनेवालों मे आपस मे नजदीकी बढ़े ऐसा कोई नहीं सोचता !

आप सारे तारे कितना मिल-जुलकर एक साथ आसमान मे रहते हो ! कभी नहीं झगड़ते ! देखकर कितना अच्छा लगता है ! परन्तु, हम इंसान ऐसा क्यूँ नहीं करते, मुझे पता नहीं ? यहाँ सब एक दूसरे से जलते हैं !

मैं भी आपकी तरह ही चमकना चाहता हूँ ! सबकी छत पर प्रकाश दूँगा ! कोई भेदभाव नहीं करूँगा ! मुझको भी अपनी थोड़ी सी रौशनी दे दो ना !

मैं तुमको चॉकलेट दूँगा ! मेरे पास बहुत सारे खिलौने हैं, तुम सब ले लेना ! प्लीज, प्लीज, प्लीज मुझे भी अपने जैसा बना दो ना !

अब मैं सोने जा रहा हूँ ! खिड़की से तुमको हाथ हिलाते हुए “गुड-नाइट” बोल रहा हूँ ! अपना जवाब जल्दी ही देना ! अपना ख्य़ाल रख़ना ! रात मे आईसक्रीम मत खाना ! वर्ना मम्मी बहुत डाँटेगी ! और हाँ, संड़े को कभी प्लान बनाओ, पिकनिक चलेंगे सब लोग, बहुत मज़ा आयेगा !

 

बाय-बाय, स्वीट ड्रीम्स

तुम्हारा दोस्त

धरती से “मनीष”

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