डेंगू बुखार

डेंगू बुखार

By | 2016-08-15T17:23:32+00:00 August 15th, 2016|Categories: स्वास्थ्य|0 Comments

डेंगू एक तरह का बुखार है, जो मादा एडीस  नाम के मच्छर के काटने से होता है | आज कल यह बीमारी बहुत ही आम हो गई है, लेकिन यह बीमारी बहुत ही खतरनाक और जानलेवा है | हर साल सैकड़ो लोग इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं, और कुछ लोगों अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है | इसका कोई टीका उपलब्ध नहीं है|  जानकारी और एहतियात बरतना ही इससे बचने का एक मात्र उपाय है |

aedesडेंगू के मच्छर ( एडीस ): उजली – उजली धारियों वाली मच्छर होती है | इनकी उम्र 2 सप्ताह से लेकर – 1 माह तक की होती है| इनकी उम्र परिस्थितियों पर निर्भर होती है | एक बार में मादा एडीस १००-200 अंडे दे सकती है, यह निर्भर करता है की उसने कितना भोजन ( कितना खून ) किया है | एक मच्छर अपने जीवन काल में 5 बार अंडे दे सकती है |

सक्रियता: यह मच्छर दिन का मच्छर कहा जाता है, क्योंकि ये दिन के उजाले में काटते हैं | यह अक्सर सूर्योदय के दो घन्टे बाद से लेकर सूर्योदय के कुछ घन्टे पहले तक ज्यादा सक्रिय रहते हैं | हाल के किए शोध से ज्ञात हुआ है, रात में भी रौशनी जल रही हो तो एडीस मच्छर सक्रिय हो जाते हैं |

डेंगू के लक्षण: 

  • तेज़ बुख़ार
  • सर दर्द
  • जोड़ो में दर्द
  • उल्टी / दस्त
  • पुरे बदन में दर्द
  • आँखों में दर्द
  • शरीर में लाल लाल चकते जैसा दिखना
  • कई बार नाक से खून भी आ जाता है

” अगर आप को डेंगू हो जाए तो घबराएं नहीं, भरपूर मात्रा में तरल आहार लें, क्योंकि डिहाइड्रेशन से ही बीमारी खतरनाक होती है |” 

बचाव : चूंकि यह एक वायरस से होता है इसलिए इसकी कोई दवा या एंटीबायटिक नहीं है, इसका इलाज इसके लक्ष्णों का इलाज करके ही किया जाता है। तेज बुखार बीमारी के पहले से दूसरे हफ्ते तक रहता है।मादा एडीस नमी वाले स्थानों में अंडे देती है| कुछ उपाय नीचे दिए गए हैं, लेकिन इसके अलावा साफ़ – सफाई पर ज्यादा ध्यान रखना है | साफ़ सफाई न सिर्फ डेंगू, बल्कि अन्य बिमारियों से भी सुरक्षित रखेगा |

  1. बारिश का पानी कहीं जमा न होने दें…
  2. पुराने टायरों, बाल्टियों, टूटे  खिलौनों में इन सब को जमा न होने दे, इनमें अक्सर पानी जमा होने का खतरा रहता है |
  3. पक्षियों के बर्तन, पौधों के पानी आदि को एक सप्ताह में अवश्य बदलें …
  4. स्विमिंग पुल का पानी बदलते रहें
  5. दीवारों, खिडकियों, दरवाज़ों आदि के दरारों को भर दें… उनमें नमी होती है |
  6. मच्छरदानी का प्रयोग करें.
  7. मच्छर को पैदा होने के रोकने के लिए हर संभव वयवस्था कीजिए |
  8. लम्बी बाजु वाले शर्ट, पैंट और जुराबों का प्रयोग करके मच्छर के काटने से बचें |
  9. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय थोड़ा ज्यादा सतर्क रहें, क्योंकि इस वक़्त मच्छर ज्यादा सक्रिय रहते हैं |
  10. बाजार में उपलब्ध मच्छर प्रतिरोधक का इस्तेमाल करें
  11. डॉक्टर के सलाह से paracetamol खाएं
  12. किसी भी बुखार को नज़र अंदाज न करें, डॉक्टर से तुरंत मिले, क्योंकि इसके लक्षण 3~४ दिन बाद ही समझ आते हैं |
  13. खून की मात्रा बराबर रखने के लिए संतुलित आहार लें |

 

 

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