दोहे

दोहे

By | 2017-07-29T15:46:05+00:00 December 19th, 2016|Categories: दोहे|Tags: |0 Comments

हाथों में मशाल लिये , खडे हुये नगर में ।

सत्य , अहिंसा मार्गो पर , वीर.पुत्र डटे हुये ।१।

सच्चे वीर डटे हुये , मातृ.भू कि सेवा में ।

धन्य होती माताये , वीरों कि यादों में ।२।

देखि तू न अनदेखा कर , इकदिन कुराह होय ।

जाओगे नरक वन्दे , ऐसा वह कुदिन आयेगा ।३।

दास कि तलवार से , अखबार कि धार से ।

नैतिकता के वार से , कुशासकों का अन्त होगा ।४।

वाणी जीवनदायिनी , वाणी नाशकहार ।

ऐसी वाणी बोलियो , सबके लागन प्राण ।५।

उमेश दास

Comments

comments

No votes yet.
Please wait...
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

About the Author:

Leave A Comment