शायरी

शायरी

न जाने किस मिट्टी के बने है वो,
जो बन्दुक रहते हुए भी पत्थर की मार सह जाते है,
और यहाँ की राजनीति के क्या कहने,
उसे भी दोषी करार कर जाते हैं।
कविराज…

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