पल मुस्कराने लग गये

पल मुस्कराने लग गये

By | 2017-06-15T22:52:05+00:00 June 15th, 2017|Categories: गीत-ग़ज़ल|0 Comments

कदम क्या संभले हमारे ,
वे पास आने लग गये |

अपना पराया पहचानने में ,
हमको जमाने लग गये |

आंसुओं ने पाला पोसा ,
रिश्ते पुराने कह गये |

दहलीज़ तक ना थे गंवारा ,
दिन पुराने लद गये |

अपना नहीं बेगाना समझा ,
रिश्ते निभाने लग गये |

आज वे हमदर्द बनकर ,
झूंठे फसाने कह गये |

दगा करते आये हमसे ,
वे आज़माने लग गये |

साफगोई दिल में ना थी ,
फिर से बहाने कर गये |

वक्त क्या बदला सितमगर ,
पल मुस्कराने लग गये |

माँ की दुआएं साथ थी ,
सपने सुहाने सज गये |

— भगवती प्रसाद व्यास

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