वादा

वादा

By | 2017-07-17T18:47:22+00:00 July 17th, 2017|Categories: गीत-ग़ज़ल|2 Comments

मिले लाखों जमाने में,मगर दिल को वही भाए।
सजाकर ख्व़ाब आँखों में,मिलन के गीत थे गाए।।

यकीं है ये मुझे वो बेवफ़ा,तो है नहीं फिर भी।
किया वादा मिलन का,आज लेकिन वो नहीं आए।।

जुबाँ खामोश है मेरी,जिया बेचैन है मेरा।
करूँ मैं क्या मुझे घेरे,है उनकी याद के साए।।

जुदा करके मुझे उनसे,सुनो ज़ालिम ज़माने ने।
बयाँ कैसे करूँ मुझपे,तो कैसे ज़ुल्म है ढाए।।

लिए पत्थर खड़े बैरी,यहाँ मासूम दिल मेरा।
दवा कैसे करूँ इसकी,ये बैठा चोट है खाए।।

है ये अफ़सोस ‘पूजा’,जिंदगी में कुछ नहीं पाया।
गमे दिल दूर हो जाए,अगर वो मिलने आ जाए।।

पूजा डालमिया

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2 Comments

  1. Peeyush Gupta July 18, 2017 at 8:24 am

    अच्छा कहा है…. खुश रहिये

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  2. Sanjay Sharma July 18, 2017 at 1:53 pm

    बहुत अच्छी लाइनें ..

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