गाँधी से मुलाकात

गाँधी से मुलाकात

By | 2017-07-17T18:44:32+00:00 July 17th, 2017|Categories: व्यंग्य|3 Comments

मन में लेके स्वच्छ छवि, निकला घर से जब निकला रवि ।

गया मन खुशियों से खिल, जब पहुंचा भारत के दिल ।

नई दिल्ली की देख स्वच्छता,  मन मेरा प्रसन्न हुआ

पर बाकी जगहों पर मुझको, कूड़े का अम्बार मिला ।

आश्चर्य बड़ा था, जहाँ कूड़ा पड़ा था, वहाँ गाँधी जी भी रोते दिखे

भारत माँ का मैला आँचल, अपने आँसू से धोते दिखे ।

देख दशा ये मैंने जमकर, सरकारों पर क्रोध किया

पर ऐसा ना करने का, गाँधी ने मुझको बोध दिया ।

गाँधी बोले कर्म करो, मत दूजों पर तुम बरसो

एक दूजे पर दोष लगाते, ऐसे गुजर गये बरसों ।

अब वक्त आ गया मिलकर के सब, देश को अपने साफ करें

कोई करे ना करें हमेशा, पहले खुद शुरूआत करें ।

कोई कलम से, कोई वचन से, भले कोई अभियान करे

जितना भी हो अपने मन से, स्वच्छता में योगदान करें ।

घर का आंगन, शहर की गलियां, या फिर निर्धन का घर हो

सभी मनोहर स्वच्छ हो जैसे नवरातों में माँ का दर हो ।

स्वच्छ देश हो, स्वच्छ वेश हो, स्वच्छता का परिवेश हो

करे जहां गुणगान जहाँ का ऐसा मेरा देश हो ।।

© संजय कुमार शर्मा ‘प्रेम’

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3 Comments

  1. विनोद कुमार ,दमोह July 18, 2017 at 5:58 pm

    बहुत गहरी कविता है ।अभी तक सोचा था कि बापू से लाठी छीन कर झाड़ू थामकर राष्ट्र पिता का मज़ाक उड़ाया जा रहा है । उन्हे सफाई दआरोगा बना दिया गया किन्तु कवि ने उनसे मुलाक़ात कर कलम थमा कर पता नहीं कितनीप्रकार कीं गंदगी उनके सामने उजागर कर दीं

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  2. Sanjay Sharma July 19, 2017 at 10:02 am

    धन्यसवाद, आपके प्रोत्सा्हन के लिये, आप लोगों के आशीर्वाद व शुभकामनाओं से ही कुछ लिख पाया हूँ ।
    साभार,
    © संजय कुमार शर्मा ‘प्रेम’

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  3. विनोद कुमार ,दमोह July 24, 2017 at 9:25 pm

    एक छोटी सी बच्ची राज घाट गई । बापू की समाधि देखी । फूल चढ़ाये । मन ही मन ईश्वर अल्ला तेरो नाम गाया । बापू से सन्मति की याचना की । बापू ने भगवान से अनुसंशा कर सन्मति दिला दी । वह खुश हुई । बाहर निकली । 10 रुपए कीमत दी सन्मति की । गोरे लोग 100 रुपए दे रहे थे । सत्य क्या है –सोचा । बापू से पूछना भूल गई । तभी देखा । बापू का सरकारी पोस्टर । नई सरकार ने उन्हे सफाई दरोगा बना दिया है । देश की प्रत्येक सफाई गाड़ी पर उनका चश्मा चढ़ा है । सत्य -अहिंसा साफ हो गई । कहाँ है ?राष्ट्र के पिता को खुद गंदगी साफ करना पद रही है ——-सरकार क्या कर रही है ?

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