मजदूर की बेटी

मजदूर की बेटी

By | 2017-07-17T23:04:22+00:00 July 17th, 2017|Categories: आलोचना|0 Comments

मां मुझको पढ़ने जाना है

मुझको भी आफिसर बनना

तुम सारे दिन मजदूरी करती

सारे दिन गिट्टी तोड़ा हैं करती

रेती तु छाना करती है

मुझको ऐसा नहीं बनना है

मां मुझको पढ़ने जाना है

मुझको आफिसर बनना है

इंग्लिश में गिटपिट करना है

इज्जत अपनी हो जाएगी

मेरे भी पंख लग जाएंगे

धरती पर फिर मैं न चलूंगी

आकाश में उड़ती फिरूंगी

मां मुझको पढ़ने जाना है

मुझको आफिसर बनना है

मां तेरी ये झोपड़पट्टी

मुझे न बिल्कुल भाती है

रोटी और प्याज है खानी

मेरे मुँह में न चलती हैं

कब खाएंगे अच्छे व्यंजन

मुझको इतना बतला दे

मां मुझको पढ़ने जाना है

मुझको आफिसर बनना है

 

Comments

comments

No votes yet.
Please wait...
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

About the Author:

Leave A Comment