यादों के झरोखे – 2

यादों के झरोखे – 2

By | 2017-07-18T15:11:53+00:00 July 18th, 2017|Categories: मुक्तक|0 Comments

।।1।।

यादों के झरोखों में किसी की याद पलती है,

इन चाहत की राहों पर मेरी जां रोज चलती है ।

मोहब्‍बत की कहानी में ये मशहूर है किस्‍सा,

कि कोई जान देता है किसी की जान निकलती है ।।

।।2।।

तुम्‍हारे साथ में जो पल हम बेकार कर बैठे,

तुम्‍हें शायद खबर ये हो कि हम भी प्‍यार कर बैठे ।

जलवे तो हसीनों के हमने पहले भी देखे थे,

तुम्‍हारी सादगी का वार हमको यार ले बैठे ।।

© संजय कुमार शर्मा ‘प्रेम’

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