नैनीताल

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नैनीताल

By | 2017-08-07T11:58:27+00:00 August 7th, 2017|Categories: कहानी|0 Comments

नैनीताल

नैनीताल शहर है ‘भू’ पर
या स्वर्ग का कोई टुकड़ा।
निर्मल जल में निरख रहा हो
मानो अपना सुन्दर मुखड़ा ।।

उच्च हिमालय के डानो तल
फैला सुन्दर निर्मल ताल ।
ताल किनारे शहर सुशोभित
सीधी सड़क नाम है ‘माल’।

सुदीर्घ पूरब-पश्चिम तक
जल राशि का फैला आयन।
रंग-बिरंगी नौकाओं से
सैलानी करते नौकायन ।।

ऐसा लगता कोई पर्वत
उभयांजलि अपने जल भर कर।
उगते हुए सूर्य के सन्मुख
खड़ा हुआ करने जल -अर्पण ।।

‘मल्ली ताल’ पहुँच कर होते
देवी नैना के दर्शन दिव्य ।
सम्मुख जल पर्वत हरियाली
दृश्य मनोहर है उपजीव्य।।

ठंड बहुत है सुन लो भाई!
पानी पीना होता मु्श्किल।
पौष-माघ को छोड़ कभी भी
आयें,मन को करें प्रफुल्लित ।।

रज्जु मार्ग से जाकर होता
नैना पीक टाप आकर्षण ।
वाष्प संघनन होता देखें
उत्तर हिम शिखरों के दर्शन।।

मोती प्रसाद साहू
अल्मोड़ा

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