बरसाने वाली

बरसाने वाली

By | 2017-09-01T11:08:26+00:00 September 1st, 2017|Categories: कविता|0 Comments

नमस्ते नमस्ते हे नमो हे नमो
सर्वभूतेषु बरसाने वाली दया तेरी हो
त्रुटियां तो हमसे सदा ही हुयी
करूणामयी मां तु है दयालु बड़ी
हंसकर अपनी कृपा हम पर करो
नमस्ते नमस्ते हे नमो हे नमो
मां तु अपने आंचल में लेलो मुझे
प्रेम रस मुझ पर बरसने लगे
इस दुनिया में रहने से क्या फायदा
बरसाने की दृष्टि न मुझ पर न पड़े
नमस्ते नमस्ते हे नमो हे नमो

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