तितली और भंवरा

तितली और भंवरा

By | 2017-09-30T21:14:11+00:00 September 30th, 2017|Categories: कविता|0 Comments

कुजं में फूलों का पहरा
भंवरा वहां भंवर रहा
उड़ती हुई तितली आयी
फूलों पर आकर इतरायी
भंवरा उसके निकट गया
तितली ने न मुड़कर देखा
भंवरा फूलों के पास गया
फूलों को दी अपनी अर्जी
विनती अपनी फूलों से की
तितली न माने फूलों का कहा
हंसकर उड़नपरी है चली
भवरें को न तितली है मिली
भंवरा बेचारा अकेला हुआ

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