न भूल पाएंगे हम

न भूल पाएंगे हम

By | 2017-12-19T08:53:26+00:00 December 19th, 2017|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

नए साल की गर्माहट में
पुरानी सर्द यादों को
न भूल पाएंगे हम।

नए वसंत की खुशबू में
पुराने मसले फूलों को
न भूल पाएंगे हम।

नए बहार के राग में
पुरानी सिसकती आहों को
न भूल पाएंगे हम।

नई घटा की बारिश में
बेबस बरसते आंसू को
न भूल पाएंगे हम।

नई फसल की चाहत में
पुरानी कुचली बीजों को
न भूल पाएंगे हम।

नए जीवन की आस में
दम तोड़ती साँसों को
न भूल पाएंगे हम।

नए साल के शोर में
दफ़्न होती आवाज़ों को
न भूल पाएंगे हम।

– डॉ आरती कुमारी
मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार

Comments

comments

No votes yet.
Please wait...
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

About the Author:

Leave A Comment