प्रेम पत्र

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प्रेम पत्र

By | 2018-01-20T17:04:19+00:00 December 28th, 2017|Categories: कविता, प्रेम पत्र|Tags: , , |1 Comment

कबूतरों की उपयोगिता को

सन्देह की दृष्टि से देखने लगे हैं लोग

प्रेम पत्रों के लोप के बाद से

कबूतर जब नदी झरनो जंगलों के ऊपर से

ले जाते थे उन्हे गंतव्य तक

तो इन सबकी खुशबू भर जाया करती थी उनमे

ऐसे पत्र कभी बासी नही होते थे

न ही कभी बासी होता था

उनकी पंक्तियों की पोरों से

टपकता हुआ प्रेम

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One Comment

  1. Onika Setia December 30, 2017 at 12:31 pm

    सत्य वचन

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