हुश्न और जाम

हुश्न और जाम

अपने हुश्न का ज़ाम यूँ हम पर न छलकाओ
मुझे होंठों से पीने दो तुम आंखों से पिलाओ

 

© राघवेश यादव ‘रवि’

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