बचपन के दिन

बचपन के दिन

By | 2018-01-25T10:05:17+00:00 January 25th, 2018|Categories: कविता, बचपन|Tags: , , |0 Comments

बचपन की वो बातें प्यारी
अपने होते खेल निराले
कभी बन जाते रेलगाड़ी
छुकछुक चलती अपनी गाड़ी
काला दीपू इंजन बन जाता
हम सब डिब्बे बन कर चलते
छुप्पनछुपाई हम खेला करते
कभी आ जाती खों खों की बारी
कभी बाइस्कोप वाला आ जाता
बारी बारी सब देखा करते
जीवनी होती नेहरू गांधी की
पतली पतली मेड़ों पर चलते
गिरने से कभी ना डरते
किक्रेट भी जम कर होती
कभी हो जाती खूब लड़ाई
पल में लड़ना पल मिलना
धूम मचाया करते हम सब
वो दिन थे कितने प्यारे
सब मिल जब खेला करते
बचपन की वो बातें प्यारी
वो होते खेल निराले
#नीरजा शर्मा #

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