Veero ki pathshala

Veero ki pathshala

By | 2018-01-27T15:49:52+00:00 January 27th, 2018|Categories: कविता|Tags: , , |0 Comments

हैं भारत वीरो की पाठशाला,
किसकी सुनाऊ में वीरता कीगाथा!
देशभक्ति में ऐसा दूजा वतन नहीं,
नही कोई योंही सर कलाम करवाता!
सुभाष की क्रांति वीरता की मिशाल हैं,
दुश्मनों का आज भी वैसा हीहाल हैं !
भगतसिंह,चन्द्रशेखर आज़ाद जैसा वीर
क्रन्तिकारी, दुनिया में और कहाँ पैदा होगा!
यह भारत की गोरवशाली महिमा हैं,
गाँधी जैसा अहिंसावादी कहाँ पैदा होगा!
बनी हुई हैं आज तक एक फकत एक भ्रान्ति,
पाकिस्तान क्या भंग करेगा भारत की शांति!
आज भी हैं सुभाष भगत के राही ,जो भारत
पर कुद्रस्टी डाले मिटाने निकले ऐसे सिपाही!
और क्या सुनाऊं में ऐ सागर भारत कीगाथा,
सागर१७/०२/2016

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