हम आप से तुम हो गए

हम आप से तुम हो गए

By | 2018-01-27T21:54:13+00:00 January 27th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

ये  किसका  असर था,  हम  आप  से  तुम हो गए
आपत्तियों के प्रतिबिम्ब न जाने कहाँ गुम हो गए
इस काल  चक्र में  बाजी  कितनी हार चुके थे हम
अब जीत  हुई  तो सब  छुपे  राज मालूम हो  गए
जब  भी  बात चलेगी,   ख़्वाबों   की  गवाही   की
कटघरे   में  खड़े    होकर   क्यूँ   मासूम  हो  गए
ये गुप्त सौदा क्या हुआ,  तुम ही जानो, हमे क्या
पर हम अपराधी हो गए और तुम मजलूम हो गए

(अभय………….

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