शब्द सुन्दर नहीं, उन्हें तो जीवन सुन्दर चाहिए

शब्द सुन्दर नहीं, उन्हें तो जीवन सुन्दर चाहिए

फुलवारी कहो
राज दुलारी कहो
या खुद से प्यारी कहो
बेटियों को ये शब्द नहीं
सुरक्षित भाविष्य चाहिए
इस दम घोटूं से मंज़र में
सुन्दर तकदीर चाहिए
दुष्कर्मी खुले घूम रहे है
उनसे मुक्ति चाहिए
दहेज लोभी समाज से
उनको दुरी चाहिए
जिस आग से उन्हें जला रहे
उस ज्वाला सी शक्ति चाहिए
तेज़ाब फेंकने वालों के
चेहरों पर कालिख चाहिए
बेटियों को केवल प्यार नहीं
उन्हें इज्जत, सम्मान चाहिए
चेन से ज़िन्दगी जी सकें
उन्हें वो अधिकार चाहिए
उनकी अपनी एक पहचान हो
उन्हें वो अभिमान चाहिए
बेटियों को केवल शब्दों में नही
हकीकत में उन पर गर्व करे
ऐसा परिवार चाहिए

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प्राध्यापक(हिंदी साहित्य)

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