बचपन

बचपन

लौटकर आया है बचपन
फ़िर मुस्कुराया है बचपन

दूर अपने हो गये जब
फ़िर से वो लाया है बचपन

एक नन्हा प्यार का फल
ले के फ़िर आया है बचपन

अक्स अपना देखकर के
ख़ुद का फ़िर पाया है बचपन

एक किलकारी सुनी है
हंस के बौराया है बचपन

है न शिकवा भी किसी से
वक़्त ने खाया है बचपन

बचपना ‘आनन्द’ कैसा
ज़ह् न पर छाया है बचपन

स्वरचित
डॉ आनन्द किशोर
दिल्ली

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~~~~~~~||| * परिचय *|||~~~~~~~ नाम : डॉ आनन्द किशोर ( Dr Anand Kishore ) उपनाम : 'आनन्द' सुपुत्र श्री लेखराज सिंह व श्रीमती रामरती धर्मपत्नी : श्रीमती अनीता पता : मौजपुर , दिल्ली शैक्षिणिक योग्यता : M.B.,B.S. सक्रिय लेखन : ग़ज़ल, कविता, गीत में विशेष रूझा

One Comment

  1. saurabh_1 February 11, 2018 at 11:40 pm

    बहुत ही सुन्दर!!

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