अनाथ – नाथ

अनाथ – नाथ

By | 2018-02-06T21:02:19+00:00 February 6th, 2018|Categories: बाल कथाएँ|Tags: , , |1 Comment

उसे नहीं  मालूम था अनाथ क्या  होता है वह तो बस इतना जानती थी के माँ हमेशा नाथ-नाथ पुकारती रहती थी उसने माँ को पूछा था माँ  नाथ  क्या होता है माँ ने बताया था कृष्ण भगवान  पूरे संसार के नाथ है वो सब की रक्षा करते हैं सबकी मदद् करते  है  उसे लगा मैं अनाथ हो गयी हूँ इसका मतलब मैं भगवान से भी बड़ी नाथ हो गयी हूँ क्यों की अब तो मुझे सभी अनाथ अनाथ  बुलाते हैं तो मेरा नाम तो भगवान के नाम से भी बड़ा है उसी दिन से उसने सोच लिया  था वो अब रोऐगी नहीं और हिम्मत नहीँ हारेगी अपने अनाथ होने के नाम को नाथ में बदल देगी और  सभी की मदद करगी  तकलीफ़ों से घबराऐगी नहीं  इसलिए उसने अपने लिए कभी भगवान से कुछ नही माँगा जो भी माँगती अनाथों के लिये माँगती और एक दिन वह बहुत बड़ी समाज सेवी बनी।

Comments

comments

Rating: 4.0/5. From 2 votes. Show votes.
Please wait...
Spread the love
  • 1
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    1
    Share

About the Author:

One Comment

  1. admin February 6, 2018 at 9:06 pm

    छोटी लेकिन बहुत ही सुन्दर प्रेरक बाल कहानी… लिखते रहें।

    No votes yet.
    Please wait...

Leave A Comment