फरिश्ता

फरिश्ता

By | 2018-02-11T16:36:55+00:00 February 11th, 2018|Categories: गीत-ग़ज़ल|Tags: , , |0 Comments

मैंने उनको याद बार बार कर लिया।
लग रहा है हल्का कोई भार कर लिया।।

मुझको कोई पूछने वाला नहीं मिला।
काम जो कानून के अनुसार कर लिया।।

आँधियों के हाथ में बरसात आ गयी।
बादलों को जबसे गिरफ्तार कर लिया।।

फैसले के वक्त इक फरिश्ता मिल गया।
मेरी जगह खुद को गुनहगार कर लिया।।

इस मुल्क में फकीरों की तादात बहुत है।
उनके दम पे हमने कारोबार कर लिया।।

सच्चाईयों की आँच भी खतरे में पड़ गयी।
हमने जो ये खबरों का ब्यापार कर लिया।।
**जयराम राय **

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